Saturday, August 20, 2022
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इस उम्र के बाद महिलाओं को नहीं होते Periods

एक उम्र के बाद हर महिला मेनोपॉज के दौर से गुजरती है, जिसमें उसे ऐसे शारीरिक बदलावों का सामना करना पड़ता है जो या तो दर्दनाक होते हैं या फिर कमजोरी को बढ़ा देते हैं। कई महिलाओं को मानसिक तनाव का भी सामना करना पड़ता है। इस अवस्था का अंदाजा इस तरह से लगाया जा सकता है कि जब लगातार कई महीनों तक Periods न हों और गर्भवती होने की संभावना कम हो जाए तो Menopause पर विचार किया जा सकता है। अलग-अलग महिलाओं में Periods का पैटर्न और इसके लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं और इस दौरान होने वाली समस्याओं में भी अंतर हो सकता है।

सामान्यतया, महिलाओं में Menopause 45 से 50 वर्ष की उम्र के बीच शुरू हो जाती है। कुछ महिलाओं को रजोनिवृत्ति पहले भी हो सकती है, लेकिन यह प्रक्रिया तुरंत समाप्त नहीं होती है। पीरियड्स के समय में भी गड़बड़ी होने लगती है। मेनोपॉज की प्रक्रिया में चार साल से लेकर दस साल तक का समय लग सकता है। एक बार जब पीरियड्स बंद हो जाते हैं, तो संभव है कि आखिरी पीरियड के चार साल बाद फिर से ब्लीडिंग शुरू हो जाए। ऐसा दस साल तक हो सकता है। दस में से एक महिला को बारह साल तक इस प्रक्रिया से गुजरना पड़ सकता है।

Menopause के लक्षण

Menopause के लक्षण भी महिला से महिला में भिन्न हो सकते हैं, जिसमें सामान्य लक्षण जैसे सोने में कठिनाई, वजन बढ़ना शामिल हैं।

मेनोपॉज के दौरान त्वचा में रूखापन और बालों का झड़ना भी बढ़ सकता है।

जो महिलाएं मेनोपॉज से गुजर रही हैं उन्हें भी यूरिन इन्फेक्शन होने की संभावना अधिक होती है।

रात को अचानक से पसीना आना या गर्म चमक भी मेनोपॉज का एक बड़ा संकेत है।

पीरियड्स में अनियमितता, कभी-कभी लंबे समय तक ब्लीडिंग होना, पीरियड्स के बीच रेगुलर इंटरवल न होना भी मेनोपॉज का एक लक्षण है।

मानसिक रूप से भी महिलाओं को चिड़चिड़ापन, अवसाद, क्रोध और मिजाज की शिकायत हो सकती है।

Menopause का उपचार

Menopause एक प्राकृतिक प्रक्रिया है जिसे रोका नहीं जा सकता। लेकिन इस दौरान परेशानियों को कम किया जा सकता है या उनसे आसानी से निपटने का प्रयास किया जा सकता है।

मेनोपॉज के दौरान जितना हो सके ढीले कपड़े पहनें। खासकर जो महिलाएं हॉट फ्लैशेज की शिकार होती हैं उन्हें टाइट कपड़े नहीं पहनने चाहिए।

अपने वजन पर नियंत्रण रखना जरूरी है। इस स्टेज से गुजरने वाली महिलाओं के लिए जरूरी है कि वे कैलोरी के सेवन पर नियंत्रण रखें।

व्यायाम करना बहुत जरूरी है। इससे मेनोपॉज के दौरान मानसिक और शारीरिक दोनों तरह के तनाव से राहत मिलती है।

डॉक्टर को जरूर दिखाएं। अगर पीरियड ज्यादा समय तक नहीं आता है तो डॉक्टर से जरूर संपर्क करें। ताकि वह हार्मोनल टेस्ट के जरिए जान सकें कि मेनोपॉज का दौर शुरू हो गया है।

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